जब आप अपनी नई कार घर लाते हैं, तो कुछ समय बाद कंपनी की तरफ से आपको पहली सर्विस (First Service) के लिए बुलाया जाता है। बहुत से लोग यह जानना चाहते हैं कि आखिर पहली सर्विस में क्या-क्या किया जाता है, यह क्यों जरूरी है और इसमें कितना समय लगता है?
इस ब्लॉग में हम बहुत आसान भाषा में समझेंगे कि कार की पहली सर्विस में क्या होता है और वह आपकी कार के लिए कितनी जरूरी है।
ज्यादातर कंपनियाँ पहली सर्विस के लिए निम्न में से कोई एक Condition देती हैं:
1000–1500 किलोमीटर चलने पर
या 1 महीने पूरा होने पर
कभी-कभी दोनों में से जो पहले हो, उस पर सर्विस करना होती है।
यह पहली सर्विस अधिकतर नि:शुल्क (Free Service) होती है। यानी आप काम का पैसा नहीं देते, सिर्फ अगर कोई पार्ट बदलवाते हैं, तो उसका पैसा देना पड़ सकता है।
नई कार के पार्ट्स अभी बिल्कुल नए होते हैं और रन-इन (run-in) के दौरान उनमें हल्की घिसावट होती है। इसी कारण कंपनी पहली सर्विस में कार को चेक करके सुनिश्चित करती है कि:
इंजन सही तरह चल रहा है
किसी भी हिस्से में ढीलापन नहीं है
कार की setting और tuning बिल्कुल ठीक है
आने वाले समय में कोई दिक्कत न हो
पहली सर्विस आपकी कार की लाइफ बढ़ाती है और आगे अच्छी परफॉर्मेंस देती है।
कार की पहली सर्विस में मेकैनिक्स आपकी पूरी गाड़ी का शुरू से अंत तक निरीक्षण करते हैं। आइए जानते हैं कि इसमें क्या शामिल है:
पहली सर्विस में आमतौर पर इंजन ऑयल नहीं बदला जाता, सिर्फ इसका लेवल चेक किया जाता है।
यदि लेवल कम हो तो कंपनी थोड़ा ऑयल टॉप-अप कर देती है।
नई कारों में ऑयल बदलने की जरूरत आमतौर पर बाद में पड़ती है।
Oil filter को साफ किया जाता है या उसका स्टेटस चेक होता है।
पहली सर्विस में यह भी नहीं बदला जाता—बदलना दूसरी या तीसरी सर्विस में होता है।
सभी गाड़ियों में कुछ जरूरी Fluids होते हैं। मेकैनिक इन सभी का लेवल चेक करते हैं:
Coolant
Brake Fluid
Clutch Fluid (manual कार में)
Power Steering Fluid (पुरानी कारों में)
Windshield washer fluid
अगर इनमें से किसी तरल का लेवल कम हो तो उसे भरा जाता है।
टायर का प्रेशर चेक और सेट किया जाता है
टायर में कोई कट, उभार या nail तो नहीं, यह भी देखा जाता है
टायर की ग्रिप और अलाइनमेंट की स्थिति भी जांची जाती है
नई कार में बहुत से हिस्से थोड़े ढीले हो सकते हैं, इसलिए मेकैनिक पूरा अंडरबॉडी चेक करते हैं:
सस्पेंशन
शॉक एब्जॉर्बर
इंजिन माउंट
स्टेरींग पार्ट्स
व्हील नट्स
डोर हिंग्स / बोनट / डिक्की
इन सभी को सही टॉर्क सेटिंग में टाइट किया जाता है।
गाड़ी के नीचे किसी तरह का ऑयल लीक, वॉटर लीक या खराब सीलिंग न हो
कार के नीचे कोई हिस्सा टकराया या डैमेज हुआ है या नहीं
सस्पेंशन में कोई असामान्य आवाज तो नहीं
AC कितनी ठंडक दे रहा है
Air filter साफ़ है या नहीं
AC blower की स्पीड ठीक है या नहीं
आवश्यकता होने पर ac filter की सफाई भी की जाती है।
सभी इलेक्ट्रॉनिक फीचर चेक किए जाते हैं:
हेडलाइट, इंडिकेटर, ब्रेक लाइट
हॉर्न
पावर विंडो
सेंसर
इंफोटेनमेंट सिस्टम
वाइपर
बैटरी वोल्टेज
सभी चीजें ठीक से काम कर रही हों, यह सुनिश्चित किया जाता है।
पहली सर्विस में कार को पूरी तरह धोया जाता है:
High-pressure वॉश
Interior vacuum cleaning
Dashboard cleaning
Tyre cleaning
Glass और mirrors की सफाई
कई कंपनी आउटलेट कार को साफ-सुथरा करके वापिस देते हैं।
सर्विस के बाद एक टेक्नीशियन छोटी राइड लेकर कार को टेस्ट करता है। वह चेक करता है:
कार स्मूथ चल रही है या नहीं
गियर शिफ्टिंग ठीक है या नहीं
ब्रेकिंग प्रॉपर है
कोई अनवांटेड आवाज तो नहीं
AC और अन्य फीचर्स बढ़िया हैं
यदि कोई दिक्कत मिलती है, तो उसी समय ठीक की जाती है।
पहली सर्विस अधिकतर फ्री (Free) होती है।
मतलब labor charges नहीं लगते।
कभी-कभी यदि आप extra काम करवाते हैं जैसे:
Car shampoo
Interior sanitization
Extra polish
Windshield solution
तो उनका अलग चार्ज लग सकता है।
आम तौर पर पहली सर्विस में 200–500 रुपये तक छोटे-मोटे एक्स्ट्रा खर्च हो सकते हैं।
पहली सर्विस आमतौर पर:
1.5 से 3 घंटे में खत्म हो जाती है।
भीड़ ज्यादा होने पर थोड़ा समय बढ़ सकता है।
पहली सर्विस के दौरान ये बातें जरूर पूछें/देखें:
सर्विस बुक पर सही एंट्री हुई है या नहीं
कौन-कौन से काम किए गए – इसकी डिटेल लें
फ्लुइड लेवल खुद देख लें
टायर प्रेशर ठीक है या नहीं
कार के नीचे लीक नहीं है
यदि कोई समस्या थी, तो उसकी पुष्टि करें कि वह ठीक हुई है।
निष्कर्ष
कार की पहली सर्विस आपकी गाड़ी के लिए बेहद महत्वपूर्ण होती है। यह सिर्फ बाहरी सफाई नहीं, बल्कि एक कंप्लीट हेल्थ चेकअप होता है।
पहली सर्विस में:
कार के सभी पार्ट्स चेक होते हैं
कोई ढीला हिस्सा सही किया जाता है
फ्लुइड लेवल ठीक किया जाता है
गाड़ी की सफाई होती है
और टेस्ट ड्राइव से कार की परफॉर्मेंस सुनिश्चित की जाती है
अगर पहली सर्विस सही तरीके से करवायी जाए, तो आपकी कार लंबे समय तक बिना दिक्कत के चलती है और उसका माइलेज व परफॉर्मेंस भी बढ़िया रहती है।
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